गुणकारी फल और सब्जियां

 

गुणकारी फल और सब्जियां

 

दोस्तों,

आज हम कुछ ऐसे-ऐसे सब्जी और फलों के बारे में बात करेंगे जिन्हें हम रोज सेवन करते तो हैं, लेकिन उसके फायदे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते।

आइए शुरुआत करते हैं केले से।

केला एक बहुत गुणकारी फल हैं। केले के पौधे को हम पूजा ,शादी ब्याह में लगाना बहुत शुभ मानते हैं। केले के फूल को बंगाल में 'मोचा' कहते हैं। उसकी सब्जी बनाकर खाने से, बहुत ही फायदा होता है। इसमें बहुत सारे कैल्शियम होते हैं। कच्चे केले का चोखा या सब्जी बनाकर खाने से पेट की आंतें बहुत मजबूत होती है। पके केले का गुण तो सभी जानते ही हैं । केले में फोलिक एसिड और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है , यह गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही गुणकारी होता है ।‌ रोज सेवन करने से 'डिप्रेशन' जैसी गंभीर समस्या को लोग दूर कर सकते हैं। केले का थांम के अंदर एक सादा जैसा रहता है जिसे हम बंगाल में 'थोढ' कहते हैं। बहुत ज्यादा पका केला अगर हो तो, उसे चेहरे पर लगाने से चमक बनी रहती है और कील मुंहासे भी दूर हो जाते हैं , चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती है। केले के पत्ते में लोग शुभ काम में खाना भी खाते हैं। तो आप समझ ही चुके होंगे कि, केले का जड़ से लेकर फल तक, यह फल कितना लाभकारी है।

 

Drumsticks

तो आइए बात करते हैं सजना (Drumsticks) के बारे में। बहुत लोग इसे सजना, डंका या सूटटी इत्यादि कहते हैं। यह सभी जगह पाया जाता है। इसके पेड़ बहुत आसानी से लग जाते हैं। इसकी डाल काटकर जमीन में लगा देने से तुरंत लग जाते हैं। इसकी पत्तियां उबालकर या सब्जी बनाकर खाने से ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ता है। इसको खाने से मोटापा भी कम होता है। इसके फूल को खाने से, पेट की बहुत सारी बीमारियां में लाभकारी होता हैं। गर्मी में खसरा बीमारी को रोकने में सहयोग करता है।

अमरूद

अब बात करते हैं अमरूद के बारे में। कुछ फलों को खाने का मज़ा ही अलग है। जैसे कि अमरूद । अमरूद में विटामिन सी पाया जाते हैं। यह कब्ज को भी दूर करता है, और पेट भी ठंडा रखता है। मोटापा भी दूर करता है। रोज़ सेवन करने से दिल की बीमारी नहीं होने में सहयोग करता है। यह त्वचा के लिए भी बहुत लाभकारी है। अमरूद की कोमल- कोमल पत्तियां, अगर मुंह में छाले पड़ गए हो तो , उसको चबाकर खाने से छाले ठीक हो जाते हैं।

 

उम्मीद है आप सभी को आज का यह आर्टिकल पसंद आया होगा। अगली बार कुछ और जानकारी के साथ आप सभी से फिर मुलाकात होगी।

 

 

रचयिता,
चंद्रकला गुप्ता

 

 

 

 

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Author

  • Chandrakala Gupta

    मैं एक होममेकर हूं। पढ़ने का शौक हमेशा ही रहा। पौराणिक और अध्यात्मिक विषय की जिज्ञासा हमेशा ज्यादा रही। खाना बनाना और खिलाने का शौक रखती हूं। "लिखने की कोई उम्र नहीं होती, शुरुआत करने की कोई समय नहीं होती"

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2 Responses

  1. Anonymous says:

    Bahut badiya…. very informative!

  2. Philomena says:

    Very informative… Great sharing Aunty! 😍🤗

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