कमर और पीठ दर्द से छुटकारा दिलाएगा ‘मरिचियासन’

 

कमर और पीठ दर्द से छुटकारा दिलाएगा ‘मरिचियासन’

 

अक्‍सर लोग कमर दर्द और पीठ दर्द की समस्‍या से जूझ रहे होते हैं। आमतौर पर ऐसी समस्‍या पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्‍यादा होती है। लगातार एक ही पॉश्‍चर में बैठे रहने या लेटने की वजह से पीठ और कमर दर्द की प्रॉब्‍लम देखने को मिलती है। अगर आप अपने इस दर्द को बिना दवाई और इंजेक्‍शन के दूर करना चाहते हैं तो इसके लिए आप योग का साहारा ले सकते हैं। दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए मरिचियासन सबसे बेस्‍ट योगासन माना जाता है।

 

 

मरिचियासन के फायदे

  1. यह कंधे, कमर और हैमस्ट्रिंग को मजबूत बनाता है।
  2. यह कमर की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर, कमर दर्द में राहत दिलाता है।
  3. रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने में भी यह आसन मदद करता है।
  4. मरिचियासन के नियमित अभ्यास से तनाव खत्म होता है।
  5. इसे करने से महिलाओ को मासकि धर्म में दौरान होने वाले दर्द में कमी आती है।
  6. इसे नियमित रूप से करने पर दिमाग शांत रहता है तथा सिरदर्द नहीं होता।
  7. इससे पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है तथा पेट संबंधी समस्याओ में भी फायदा मिलता है।
  8. माइग्रेन के मरीजो को इसे करने से फायदा पहुचता है।
  9. यह आसन आपकी किडनी और लिवर को उत्तेजित करता है।
  10. इसका अभ्यास करने से आपकी भीतरी जांघों में मजबूती आती है और यह टोन होती है।

 

मरिचियासन करने का तरीका

  1. मरिचियासन करने के लिए सबसे पहले चटाई बिछा ले और उस पर दोनों पैरों को आगे की ओर सीधा फैला कर बैठ जाएं।
  2. गर्दन और कमर को सीधा रखें और दोनों हाथो को बगल में रख दे।
  3. अब किसी एक पैर को घुटने की तरफ से मोड़े, जैसा की चित्र में दिखाया गया है।
  4. आपके पैर का घुटना आपके सीने से स्पर्श होना चाहिए, दुसरे पैर को सीधा रखे।
  5. अब जिस पैर को सीधा रखा है, उस दिशा में अपने उपरी शरीर को झुकाए।
  6. अब अपने हाथो को पीछे की और मोड़कर पैर के घुटने को जकड़े रखें| मदद के लिए चित्र में देखे।
  7. अब गहरी सांस ले, फिर सांस रोककर इस स्तिथि में 20-60 सेकंड तक बने रहे।
  8. फिर सांस छोड़कर साधारण स्तिथि में आ जाये।
  9. इस क्रिया को बारी-बारी से दोनों पैरो के साथ करें।
  10. इस आसन का अभ्यास कम से कम 5 बार करे।

 

नोट : जिन लोगों को उच्च रक्तचाप की समस्या हो, उन्हें इस आसन को नहीं करना चाहिए। कमर या पीठ में किसी तरह की चोट की स्थिति में भी इस आसन को ना करे।  

 

धनेश परमार 'परम'

 

 

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Author

  • Dhanesh R Parmar

    धनेश सहायक निदेशक (राजभाषा), परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद,(Atomic Energy Regulatory Board, Govt. of India) मुंबई में कार्यरत हैं। आपको पढ़ना, कैरम, बैडमिंटन, योग एवं ध्यान मैं रूचि हैं। धनेश बी.ए. ग्रेजुएट (अंग्रेजी-हिंदी साहित्य) , योग प्रशिक्षक, गुजरात राज्य योग बोर्ड, तथा सुजोक थेरापिस्ट, अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संघ (आईएनए)

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